June 06, 2020

कोरोना की जंग जीतने में हरियाणा की पंचायतें दे रही हैं अहम योगदान

चंडीगढ़: कोरोना की जंग में शासन के सबसे निचली ईकाईं यानी पंचायत की भूमिका काफी अहम है। ​हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल इस बात को बखूबी समझ रहे हैं यही कारण है प्रदेश में कोरोना के जंग से लड़ने के लिए अपने चतुरंगिनी सेना यानी स्वास्थ्य कर्मचारी,पुलिस प्रशासन, जनवितरण विभाग के साथ ही ग्राम पंचायतों की अहम भूमिका देखते हैं और पंचायतें भी इस कार्य में ​हरियाणी में कोरोना युद्ध के सेनापती मनोहर लाल का बढ़ चढ़कर साथ दे रही हैं। एक तरफ पंचायतें प्रदेश के कोरोना रिलिफ फंड में योगदान देकर इस लड़ाई में उनका हौसला बढ़ा रही हैं तो दूसरी तरफ गांव की घेराबंदी,सैनिटाईजेशन के काम को गंभीरता से कर कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने में अहम योगदान दे रही हैं। लेकिन साथ ही साथ प्रदेश के मुखिया ने भी वैसे सभी पंचायतों के लिए जहां धन का अभाव है और इस युद्ध में धन की कोई कमी न हो इसके लिए राज्य का खजाना खोल दिया है।

कोरोना रिलीफ फंड में पंचायतो ने दिया दान
एक तरफ हरियाणा की पंचायतों में लोगों को कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान तो चलाया ही जा रहा है साथ ही साथ मास्क वितरण, खाद्यान्न वितरण आदी काम भी पंचायत की सरकारों ने अपने जिम्मे ले लिया है। साथ ही साथ वे कोरोना रिलीफ फंड में भी अहम योगदान दे रही हैं। हरियाणा के सरपंचों नेअपना मासिक वेतन कोरोना रिलीफ फंड में देने की बात कही है। इसी तरह झिंझौली की पंचायत सरपंच दिनेश ने खुद को मिलने वाले मानदेह में से पूरे एक साल का पैसा हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में दान दिया है। वहीं गांव झिंझौली के ग्रामीणों से भी 50 हजार रुपये एकत्रित कर इस फंड में जमा करवाए हैं। झिंझौली गांव सरपंच दिनेश ने कहा कि उनकी तरफ से अपने एक वर्ष का मानदेह 36 हजार रुपये कोरोना रिलीफ फंड में दिया जा रहा है वहीं गांव की तरफ से भी 50 हजार रुपये एकत्रित किए गए हैं, जोकि उसके द्वारा एसडीएम खरखौदा श्वेता सुहाग को सौंपे गए हैं। केवल झिंझौली ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई गांव ऐसे हैं जहां ग्रामीणों ने इस संकट की घड़ी में सरकार के साथ खड़े होकर कोरोना रि​लीफ फंड में बढ़ चढ़कर योगदान दिया है।
गांव की सीमा हुई सील

प्रदेश के ज्यादातार गांव ने कोरोना से बचाव के लिए अपनी सीमा सील कर दी है। वे न तो बाहरियों को अपने गांव में प्रवेश करने दे रहे हैं और न ही बिना कोई ठोस वजह के गांव से बाहर जा रहे हैं। गांव के युवा गांव के बाहर ही मुख्य सड़कों पर पहरे देकर गांव की निगरानी के काम में लगे हुए हैं। गांव में आने वाले, रोड से जाने वाले हर व्यक्ति को सेनिटाइज करके ही आने-जाने दिया जा रहा है। इसके साथ ही हर गांव में चौकीदार के माध्यम से मुनादी करवाई जा रही है कि कोई भी अफवाह गांव में ना फैल पाए। गांवों में लोग सामाजिक दूरी बनाने के लिए भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। ग्रामीणों ने हर गली और नाके पर सैनिटाइजर का प्रबंध किया है। विगत दिनों करसोला गांव में एक मेहमान पहुंचे। ग्रामीणों ने जब उनसे आने का कारण पूछा तो बताया गया कि उस व्यक्ति की शादी करसोला गांव में हुई है और वह अपनी को विदा कराने आया है। इस खबर के बाद पहरेदारी कर रहे लोगों ने एक ग्रामीण के जरिए लड़की के घर पर संदेशा भेजा गया और लड़की को गांव से बाहर से ही विदा किया गया।


कोरोना से बचाव के लिए मुख्यमंत्री ने दिया फंड
प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य की 2588 पंचायतों को सेनीटाईजेशन के लिए लगभग 5 करोड 18 लाख रूपए की राशि जारी करने की अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। ये राशि उन पंचायतों को मिलेगी, जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अन्य पंचायतों, जिनकी आय 2 लाख रूपये से अधिक है उन पंचायतों को भी इन गतिविधियों पर खर्च करने के लिए मंजूरी प्रदान कर दी है। इस प्रकार से, प्रत्येक ग्राम पंचायत सेनीटाईजेशन पर 20 हजार रुपये खर्च कर सकती हैं।

न गांवो को मिला सैनिटाईजेशन बजट
प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यमंत्री द्वारा जारी की इस राशि के जरिए अपने पंचायत को सेनीटाईज करेंगी। यानी सेनीटाईजेशन पर 20 हजार रुपये खर्च करेगी। इस प्रकार से जिला अंबाला की 221 ग्राम पंचायतों के लिए 44,20,000 रूपये, भिवानी की 185 ग्राम पंचायतों के लिए 37,00,000 रूपये, चरखी दादरी की 98 ग्राम पंचायतों के लिए 19,60,000 रूपये, फरीदाबाद की 57 ग्राम पंचायतों के लिए 11,40,000 रूपये, फतेहाबाद की 41 ग्राम पंचायतों के लिए 8,20,000 रूपये, गुरूग्राम की 98 ग्राम पंचायतों के लिए 19,60,000 रूपये, हिसार की 101 ग्राम पंचायतों के लिए 20,20,000 रूपये, झज्जर की 117 ग्राम पंचायतों के लिए 23,40,000 रूपये की राशि जारी की गई है।

इन जिलों के ग्राम पंचायतों को भी मिला पैसा
इसी प्रकार, जींद की 82 ग्राम पंचायतों के लिए 16,40,000 रूपये, कैथल की 84 ग्राम पंचायतों के लिए 16,80,000 रूपये, करनाल की 92 ग्राम पंचायतों के लिए 18,40,000 रूपये, कुरूक्षेत्र की 141 ग्राम पंचायतों के लिए 28,20,000 रूपये, नारनौल की 219 ग्राम पंचायतों के लिए 43,80,000 रूपये, मेवात की 177 ग्राम पंचायतों के लिए 35,40,000 रूपये, पलवल की 59 ग्राम पंचायतों के लिए 11,80,000 रूपये, पंचकूला की 123 ग्राम पंचायतों के लिए 24,60,000 रूपये, पानीपत की 54 ग्राम पंचायतों के लिए 10,80,000 रूपये, रेवाडी की 116 ग्राम पंचायतों के लिए 23,20,000 रूपये, रोहतक की 83 ग्राम पंचायतों के लिए 16,60,000 रूपये, सिरसा की 88 ग्राम पंचायतों के लिए 17,60,000 रूपये, सोनीपत की 93 ग्राम पंचायतों के लिए 18,60,000 रूपये और यमुनानगर की 259 ग्राम पंचायतों के लिए 51,80,000 रूपये की राशि जारी की गई है।

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