राज्य के पहले इ-पंचायत भवन का हाल बेहाल

सिल्ली: राज्य के पहले इ-पंचायत का गौरव प्राप्त सिल्ली के टुटकी पंचायत सचिवालय भवन के उदघाटन को पांच साल हो गये, परंतु इसमें बिजली का कनेक्शन रहते हुए भी आज तक इससे एक बल्ब नहीं जलाया जा सका है. ट्रांसफारमर भी लगा हुआ है, परंतु यह खराब पड़ा हुआ है. यहां पीने का साफ पानी तक नहीं है. इसके शौचालय उपयोग से पहले ही टूट गये हैं. भवन के सभी दरवाजे व खिड़की के शीशे टूट गये हैं. लाखों रुपये का जेनेरेटर खराब पड़ा है. भवन में पानी की टंकी आज तक नहीं लगायी गयी.

टंकी को बरामदे में रख दिया गया है. पंचायत भवन के लाखों रुपये की लागत के उपकरण धूल फांक रहे हैं. मनरेगा योजनाओं में लगाये जानेवाली योजनाओं के बोर्ड पंचायत भवन के कमरों में फेंक दिये गये हैं. सोलर लाइटों के पाइप भी भवन में ही रखे गये हैं. यहां तक के जिस वी-सेट के जरिये 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने तत्कालीन मुखिया से वीडियो कांफ्रेंसिंग से बात की थी, उसके मशीन व अन्य उपकरण एक कमरे में कागजात के ढेर में फेंक दिये गये हैं. वी-सेट उखड़ गया है. लाखों के सोलर प्लेट बरबाद हो गये हैं.

राज्य का पहला इ-पंचायत होने का था गौरव : सिल्ली प्रखंड का टुटकी पंचायत राज्य में अकेला ऐसा पंचायत है, जिसे राज्य के पहले इ-पंचायत का गौरव प्राप्त है. तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने विगत 18 दिसंबर 2011 को तत्कालीन महिला मुखिया सुनीता देवी से सीधे वीडियो कांफ्रेंसिंग से बातचीत की थी. सुनीता देवी को भी राज्य के पहले ऐसे मुखिया का गौरव प्राप्त है जिसने राज्य के मुख्यमंत्री से वीडियो कांफ्रेंसिंंग से बात की.

पुराने मुखिया का ही नाम : लापरवाही का आलम है कि दुबारा चुनाव के बाद मुखिया समेत सभी जनप्रतिनिधि बदल गये, लेकिन पंचायत भवन की दीवारों पर पुराने मुखिया व अन्य लोगों के नंबर ही लिखे हुए हैं. इसे आज तक किसी ने बदलने की जरूरत नहीं समझी है.
ग्रामीणों का आरोप :
ग्रामीणों का आरोप है कि इस भवन में केवल प्रज्ञा केंद्र ही चलता है.
इसके अलावे कोई दूसरा काम नहीं होता. पंचायत के मुखिया व पंचायत सेवक सप्ताह में केवल एक दिन ही आते हैं.
मुखिया से नहीं हो सकी बात : इस सबंध में टुटकी पंचायत के मुखिया परीक्षित महली से बात करने का कई बार प्रयास किय गया, पर उनका फोन बंद था. उनसे पंचायत भवन में भी मुलाकात नहीं हो सकी (प्रभात खबर से साभार)

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एक दशक से भी ज्यादा से पत्रकारिता में सकिय। संसद से लेकर दूर दराज के गांवो तक के पत्रकारिता का अनुभव। ग्रामीण समाज व जनसरोकार से जुड़े विषयों पर पत्र पत्रिकाओं में लेखन। अब पंचायत खबर के जरिये आपके बीच।

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