June 23, 2018

किसानों की समस्या तब सुलझेगी जब जेटली विशेष बजट का करें प्रावधान:योगेंद्र यादव

संतोष कुमार सिंह
नई दिल्ली: देश की जनता  नजर अरूण जेटली की बजट पर विशेष रूप से किसान बजट पर नजर गड़ाए हुए है कि मोदी सरकार के पिटारे में उनके लिए क्या है। विशेषज्ञ अपने अपने—अपने तरीके से ​किसानों की बात सरकार के संज्ञान में ला रहे है। इस बीच स्वराज अभियान ने राजधानी के चंद्रशेखर भवन में एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर किसानों के हित में अपनी बात रखी है।

स्वराज अभियान से जुड़े योगेंद्र यादव ने अभियान की तरफ से कहा है कि एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय वित्तीय बजट में किसानों की समस्याओं के निदान के लिए विशेष बजट का सरकार को प्रावधान करना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मजदूरों व सरकारी कर्मचारियों की तरह किसानों के लिए भी न्यूनतम आय सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रेस वार्ता के दौरान योगेंद्र ने सुझाव दिया और एक रिपोर्ट जारी करते हुए मांग किया कि नोटबंदी की वजह से दिवालिया हो गए किसानों को भी मुआवजा दिया जाना चाहिए। यदि किसी किसान को घाटा हो तो न्यूनतम आय के तहत उसके घाटे की भरपाई सरकार करें। इसके अलावा एक यूनिवर्सल क्रॉप इश्योंरेंस स्कीम को भी लागू हो, जिससे हर प्रकार की फसल के घाटे को पूरा किया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार से किसान कल्याण निधि को बढ़ाने की मांग की। इस मौके पर जय किसान आंदोलन के सह संयोजक अजीत सिह और किसान विशेषज्ञ आविक साहा भी उपस्थित थे।
केंद्रीय बजट से किसान हित में अपेक्षा:
– कृषि से आमदानी में वृद्धि और किसानों को आय की गारंटी।
— लाभकारी और यूनिवर्सल मूल्य प्राप्ति का आश्वासन। [Remunerative and Universal Price Yield Assurance (RUPYA)]
— नोटबंदी से हुई क्षति की भरपाई।
— कृषि क्षेत्र में आवंटन में वृद्धि।
— आपदा राहत व्यवस्था में बदलाव और राष्ट्रीय आपदा शमन कोष की व्यवस्था।
— सिंचाई के लिए ज़्यादा आवंटन और वर्षा अधारित क्षेत्रों पर फ़ोकस।
— काश्तकारों को क्रेडिट कार्ड और क्रेडिट गारंटी फ़ंड।
— सार्थक स्टार्ट अप इंडिया मिशन के लिए किसान उत्पादक संगठनों [Farmer Producer Organizations (FPOs)] पर फ़ोकस।
— पारिस्थितिकी कृषि में निवेश की वृद्धि।

जंतर-मंतर पर किसान संसद
इतना ही नहीं स्वराज अभियान के तरफ से सरकार के समानान्तर एक फरवरी को जंतर—मंतर पर किसान बजट पेश किया जाएगा। इस बाबत किसानों की समस्याओं को लेकर स्वराज अभियान के जय किसान आंदोलन नामक विंग द्वारा किसान संसद का आयोजन किया है। ‘किसान संसद’ का आयोजन किया जाएगा और केंद्र सरकार के बजट पर किसानों से संबंधित मुद्दों पर यहां देश के विभिन्न हिस्सों से आए किसान संगठन के प्रतिनिधि अपने सुझाव टिप्पणी देंगे।  इसका नेतृत्व कृषि विशेषज्ञ एव अटर बिहारी सरकार में कृषि केंद्रीय राज्य मंत्री रहे सोमपाल शास्त्री करेंगे।  किसान संसद में देश के अलग-अलग राज्यों के तकरीबन पांच सौ किसानों के हिस्सा लेने की उम्मीद है।

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एक दशक से भी ज्यादा से पत्रकारिता में सकिय। संसद से लेकर दूर दराज के गांवो तक के पत्रकारिता का अनुभव। ग्रामीण समाज व जनसरोकार से जुड़े विषयों पर पत्र पत्रिकाओं में लेखन। अब पंचायत खबर के जरिये आपके बीच।

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